Muslim Sex Story
Muslim Sex Story

मेरा नाम फैयाज है..मैंने अभी अभी एसएससी का एग्जाम दिया है..हमरे गांव में कॉलेज नहीं है..कॉलेज करना हो थो शहर जाना पड़ता है…मेरी फैमिली मैं मम्मी पापा एक बड़ा भाई अजाज और मैं…हम सब गांव में रहते हैं..गांव में हमारी बहुत सारी खेती है.. जिसको मेरे पापा संभालते हैं हैं..मेरे अजाज भाई सॉफ्टवेअर इंजीनियर हैं, शहर में एक फ्लैट में रहते हैं..और नौकरी करते हैं मैं..उनकी शादी हमारे गांव से कुछ दूर एक और गांव है वहां की लड़की से हुई..वो लोग भी खेती करते हैं. Bhabhi Jaan Ki Chudai Ki Kahani

मेरी भाभी का नाम हुमा है..उनकी उम्र 22 साल है..वो एसएससी तक गांव है मुख्य पढ़ाई उसके बाद 10+2 शहर मुख्य गर्ल्स हॉस्टल मुख्य रहकर पढ़ाई की.. फिर 22 साल की उम्र मैं उनकी शादी मेरे भैया से कर दी गई.. 2 महीने हमारे घर मैं रहने के बाद अजाज भाई और हुमा भाभी शहर उनके फाल्ट मुख्य शिफ्ट होंगे.. अजाज भाई मुझसे बोले के मैं उनके सात उनके फ्लैट में रहकर कॉलेज करूं.. मैं बहुत खुश होगया..मुझे शहर की जिंदगी बहुत पसंद थी..मेरा एडमिशन कॉलेज में हो गया लेकिन अभी क्लासेस शुरू होने में एक महीने का समय था..मेरी हुमा भाभी एकदम मस्त है..गोरी गोरी थुडी मोती..भरा भरा जैसा..मोती गांड..मोती मोती चूचियां…शादी के समय थोड़ी दुबली थी पर शादी के बाद उनका जिस्म बहुत सेक्सी हो गया था..शादी को 8 महीने हो गए थे..इस बीच वो सिर्फ दो बार एक दिन के लिए अपना गांव गई थी वो भी भैया के साथमेरी और मेरी भाभी की मस्त दोस्ती थी..भाभी को भी सिटी लाइफ पसंद थी..हम लोग घर का सामान लेन सात सात जाते वे..बाजार में सब भाभी को घूर घूर कर देखते हैं..सब की नजरें उनकी चुचियां और मटकती गांड पर होती हैं..एक दिन हुमा भाभी को उनकी मां का फोन आया वो बोली के हुमा भाभी के चाचा के लड़के की शादी फिक्स हुई है..दोसरे दिन हुमा भाभी के चा चा शादी का कार्ड लेकर आए और बोले के शादी पूरे 6 दिन चलेगी हम सब को आने को बोले… शाम को भैया जब ऑफिस से आए, भाभी ने उनसे बात की… भैया बोले मैं शादी के दिन आउंगा थम फैयाज के सात चले जाओ..
फैयाज तुम को तुम्हारे घर चोद कर अपना गांव चला जाएगा और शादी में मम्मी पापा के साथ आएंगे.. भाभी बहुत खुश होगी..उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था…दोसरे दिन सुबह भाई मुझको और भाभी को बस में बिता दिया और वो ऑफिस चले गए..3 घंटे बाद मैं और भाभी उनके गांव पहुंचें तो उनके पिता जी ने घुड़ा गाड़ी भेजी थी, हम भाभी के घर गए थे..भाभी के घर में उनकी मां पिता जी और एक भाई रहते थे.. घर में दो नौकरियाँ थीं जो मिया बीवी थीं..ये दोनो घर के सारे काम करते थे..बीवी का नाम पार्वती था जो करीब 45 साल की मोती सी थी.. और पार्वती का पति जिस का नाम बद्रीनाथ था जो करीब 50 साल के आस-पास का था 5.8 हाईट होगी एक बांध घटिला टाइट जीसम था..लगता था जवानी मैं बहुत वर्ज़िश कर चुक्का है…उसको सब लोग बद्री काका कह कर पुकारते थे..जैसी ही उसने हुमा भाभी को देखा खुश हो गया अरे बिटिया रानी तुम कब आई..भाभी ने बोला अभी अभी आई हूं..भाभी ने मुझको सब से मिलाया..भाभी उनकी माँ और पिताजी से बातें कर रही थी..मैं गौर कर रहा था के बार बार हुमा भाभी की नज़र काका पर जाति और वो एक अदा से मुस्कुराती थी..काका भी उनको देख कर खुश हो रहा था..हम सब ने खाना खाया फिर मैं भाभी को बोला के मैं अपना गांव जाता हूं भाभी उनकी माँ और पिताजी मुझे ज़बदस्ती रुकवाया..बोले दो तीन रुक कर जाना पहेली बार ऐ हो हमारे घर…मैं रुक गया..मुझे नींद आ रही थी मैं मुझे दिए हुवे बेडरूम में जाकर सो गया..पता नहीं कितनी देर मुख्य सोया..मेरे बेडरूम के पास विंडो से कुछ आवाजें आ रही थी धीमी धीमी सी इन्ही आवाजों की वजह से मेरी नींद खुल गई थी.. आवाज कुछ अजीब सी थी मैं खिड़की से बाहर देखा पर कुछ नज़र नहीं आ रही थी लेकिन अवाज, कुछ साफ सुनी जा रही थी.. ये आवाज मेरी हुमा भाभी की थी और किसी मर्द की थी, मुख्य गौर से सुना, हुमा भाभी कह रही थी…आआआआह्ह्ह्ह…आज रात मैं वो आआआआआह्ह्ह्हह किसी और वाली जल्दी बूटी ले आना…आआआआह्ह्ह वूओ क्या कर रहे हो बाज़ू के रूम में मेरा देवर तो रह रहा है… मर्द की आवाज आई…थू इसको क्यों अपनी सात लाई…हमा भाभी बोली अकेली अकीस अथी..
वैसे भी वो कल या परसुन चला जाएगा…आआआआआआआआआआअह्हह्हह्ह धीरे दबौ…आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ करने के बाद तक… है…आआआआआआआअह्हह्हह.. मैं परेशान हो रहा था के ये मर्द कौन है.. मुख्य बेडरूम से बाहर आया और घर के पिछवाड़े जाने लगा..मैं पीछे की तरफ जाकर दीवार की तरफ चुप कर देखा..मेरा दिमाग फट सा गया…मेरी हुमा भाभी काका से लिपटी हुई थी..बद्री काका एक हट से हुमा भाभी की मोटी गोल गोल गांड दबा रहा था और एक हाट से उनके चूचों को दबा रहा था उसके होंट हुमा भाभी के होठों से चिपके हुए थे…भाबी के हाट काका की पीठ पर कासे हुए थे…भाभी ने अपने होठों से चुड़वा कर काका से बोल रही थी..नींद वाली जल्दी बोटी ले आना..मैं मम्मी पापा और देवर को संतरे का जूस मैं मिला कर दूंगी..हमेश की तरह.. भैया और भाभी चा चा के गौं जारहे हैं आज शाम मैं.. ये सब रात को सोने के बाद मैं तुम्हारे पास आउंगी अभी मुझको जाने दो…काका ने हुमा भाभी को कस कर एक किस किया और छोड़ दिया.. मैं भागता हुवा अपने बेडरूम में आकर सोनेकी एक्टिंग करती हुवे अपनी भाभी के बारे में मैं सोचने लगा..मेरी मासूम और भोली नज़राने वाली भाभी थो एक चुद्दक्कड़ औरत है..पता नहीं कब से चुद रही है अपने घर के नौकर से..वो भी एक हिंदू आदमी से जो कि भाभी से उम्र में इतना बड़ा है..मैं याद करने लगा कैसे वो बेरहम से भाभी की चूचियां और गांड मसल रहा था कैसी वो भाभी के होंठ चूस रहा था…मेरी भाभी भी कैसे उस हिंदू आदमी से अपना जिस्म मसल रही थी…मेरी परेशानी हमारा वक्त खराब हो गई जब मैंने महसूस किया के मेरा लौड़ा एकदम टाइट हो गया ये सब देख कर सोंच कर…इतना टाइट मेरा लौड़ा कभी नहीं हुआ था..एकदम लोहे की रॉड जैसा.. इसका मतलब भाभी शादी से पहले ही काका से चुदवाई थी..फिर मुझे याद आया के हुमा भाभी ने काका से कहा था नींद वाली जड़ी बूटी लेन को..और आज रात मैं हुमा भाभी हम सबको संतरे का जूस मैं जड़ी बूटी मिला कर पिलायेगी और हम सब बेखबर सोजेंगे..वो बद्री काका के पास जाकर चोदेगी..मैं ऐसा लगा के मुझे उन दोनों की चुदाई किसी हाल में देखनी है..और अगर उनकी चुदाई देखना है तो मुझे संतरे का जूस नहीं पीना है..इसी तरह मैं रात के 8 बज गए सरदियों के दिन थे..गांव मैं लोग जल्दी सोजते हैं..भाभी मुझे डिनर करने के लिए बुला लिया मैं गया तो वहां भाभी के मॉम डैड और भाभी बैठे हुए थे..टेबल पर ऑरेंज जूस नहीं था..हम सब ने डिनर किया..फिर सब लोग बैठ कर टीवी देखने लगे..भाभी उठती और बोली के वो ऑर्नेज जूस लेकर आएंगी.. भाभी जैसी ही किचन में हूं गई मैं अपने बेडरूम में आ गया, मैं प्रेशान था के जूस का क्या करूं.. कुछ देर बाद भाभी बेडरूम में आई जूस लेकर..मैं बोला भाभी यहां टेबल रख दो मैं पिलोंगा..भाभी बोली फैयाज ये हमरे बाग के ऑरेंज जूस हैं तुम अभी पिलो.. मैं बोला हन भाभी मैं पी लूंगा..आप रख दो..उसी वक्त भाभी का मोबाइल रिंग हुआ..भाभी की मां ने आवाज लगाई हम तेरा फोन बज रहा है..भाभी मुझसे बोली तुम पिलोगे ना पक्का मैं बोला मैं पिलोंगा आप फिकर ना करो..भाभी फोन अटेंड करने चलेगी..ओह्ह्ह्ह भगवान का शुक्रिया.. मेरा दिल खुश हो गया..भाभी के जाते ही मैं तुरंट बाथरूम में गया और धो लिया बेसिन मुख्य रस दाल दीया…थोड़ा सा जूस ग्लास मैंने रहने दिया..और ग्लास लेकर बेडरूम में आ गया..भाभी ने जहां ग्लास रखा था मैं ग्लास को वहीं रखा..कुछ देर खराब भाभी आई और ग्लास को देखा..अरे फैयाज तुमने जूस पूरा नहीं पिया..मैं बोला भाभी बास इतना ही काफी है..मैं बोला भाभी मुझे नींद आ रही है है.. मैं सुजाऊं..भाभी ने मुझसे बोला दरवाजा अंदर से लॉक करके सोजाओ..भाभी चली गई.. मुख्य दरवाजे के अंदर से लॉक किया लाइट बैंड की खिड़की बैंड की मगर थोड़ा खोला रहने दिया क्यों विंडो की साइड से ही भाभी काका के क्वार्टर में जाएगी..मैं खिड़की के पास ही खड़ा रहा..रात के 10 बज रहे वे कोई आधे घंटे बाद मेरे दरवाजे पर नॉक हुआ मैं समझ गया कि ये भाभी चेक करने आई है..मैं सोया या नहीं..भाभी ने आवाज दी फैयाज…फयाज…फयाज..मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी..फिर शायद भाभी दरवाजे के पास से चली जाएगी..मैं अब पूरी होशयारी से खिड़की से बाहर देखने लगा..बाहर बहुत अंधेरा था..
15 मिनट बाद मुझे एक साया बद्री काका के क्वार्टर की तरफ जाता नजर आया..ये जरूर हमा भाभी ही थी..अब क्या करूं… मैं शाम को पहले सर्वेेंट्स क्वार्टर सब देख कर आया था..तीन कमरे और एक किचन था एक टॉयलेट..तीन कमरों की खिड़कियां घर की बाउंड्री वॉल से बिल्कुल सती हुई थी कुछ 2 फीट का गैप..मैने धीरे से बेडरूम का दरवाजा खोला सारा घर अँधेरे में डूबा हुआ था..मैं अपने बेडरूम का दरवाजा बंद किया हॉल से होता हुआ मुख्य दरवाजे के पास आया दरवाजा अंदर से बंद था..वूउ दरवाजा तो बंद है फिर भाभी किधर से बाहर चली गई..मैं सुन ही रहा था के मुझे याद आया जब मैं सर्वेेंट्स क्वार्टर चेक कर रहा था तो मुझे किचन में बाहर की तरफ एक दरवाजा खुला हुआ नजर आया था..मैं धीरे-धीरे किचन मैं गया दरवाजे को चेक किया सिर्फ दरवाजा बंद किया हुआ था.. मैं धीरे से दरवाजा खुला और बाहर निकल गया.. मुख्य चारदीवारी से सात कर चलता हुवा क्वार्टर के पीछे गया.. पहले कमरे की खिड़कियों से कान लगया कुछ सुनाई नहीं दे रहा था अंदर की ओर देखा थो अँधेरा था..दूसरे कमरे की तरफ जाते ही मुझे आवाज़ें एनेलागी..ये पुराने जमाने के घर हवेली टाइप के… कमरे में जो खिड़की थी वो लकड़ी की ती दरवाजा भी पुराने जमाने के लकड़ी के थे जगा जगा से फट गए थे..मैं एक 2” वाले छेद से अंदर देखा थो..मेरी आंखें फटी की फटी रह गई..एक पुरानी सी लकड़ी की कुर्सी पर बद्री काका बैठा था..उसके सामने एक पुरानी सी टेबल, इस पर एक शराब की बोतल, एक गिलास और एक प्लेट में कुछ रखा था..काका की गुड़ में हुमा भाभी बैठी थी और काका भाभी की चुचियों से खेल रहा था.. काका की बीवी, पार्वती, काकी दूसरे कमरे से हाट में एक गिलास पकड़े, इस कमरे में मैंने खाया हुवे भाभी या काका को देख कर बोली क्यों री भोसड़ी मेरी सौतन आ गई अपने धगड़े से चुदवाने तेरी चूत की गर्म शादी के बाद भी ठंडी नहीं हुई…रांड…क्यों री कुलटा तेरा मर्द तेरी चूत की गर्मी को ठंडा नहीं करता क्या.. कमीने बड़ी गर्मी है तेरी चूत मैं खेते हुवे पार्वती अपने गिलास में शराब की बोतल से कुछ शराब डाली और जमीन पर बैठ कर पीने लगी..पीटे पिते वो भाभी की तरफ देख कर पूछी..अरी भोसड़ी एक बात बता सुहागरात मैं तेरे पति को कुछ शक नहीं हुआ..शादी से पहले इतना चुदवाया मेरे पति से के तेरी चूत भोसड़ा बन गई थी..और चुचिया मोटी मोटी ढीली हो गई थी..गांड मारा मारा कर छेड़ बड़ा कार्लिया था अपना..अरी छिनाल..तेरी जैसी चुद्दकड़ लौंडिया मैंने नहीं देखी..कैसे उचक उचक कर चुडौती थी. Muslim Sex Story
फिर काकी बोली..अरी वो भोसड़ी वाली वो जदी बूटी काम आई ना..चूत को फिर से कुंवारी जैसी करने की और चुचियों को टाइट करने की..हुमा भाभी अपनी चुचियां मसलवाती बोली..हां काकी वो जदी बुटी बहुत कमल की थी मेरी चूत एक बांध टाइट होगी थी..मेरी पथिक को शुद्ध 2 दिन लगे पूरा लौड़ा चूत के अंदर डालने को और चुचियां भी एकदम टाइट हो गई थीं,, मेरा पति बहुत खुश था.. काकी बोली भोसड़ी अब दिल भर कर चोदा अपने इस धागे से अब कोई डर नहीं है तेरी शादी जो होगी कुलटा..ये हरामी को जब से तेरी जवान चूत का मजा लगा तब से मेरी चूत मरना ही भूल गया..मैं अभी सो रही हूं सुबह बहुत काम है..पार्वती काकी दूसरे कमरे में चली गई..और मेरी भाभी…वूऊऊ। एक मुस्लिम रंडी की तरह एक 50 साल के हिंदू नौकर के साथ मैं बैठी थी.. बद्रीकाका के डोनो हाट भाभी की चुचियों पर थे.. काका शराब पिता और भाभी के बगीचे से जुबान से चाटा और भाभी की चुचियां मस्तला रहा.. काका इस सर्दी में नंगा सिर्फ एक पुरानी सी पेंट मुख्य बैठा था..काका ने भाभी की साड़ी जोड़ी से ऊपर की तरफ उठाया, वाहऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊहभाबीबीबीबीकी कि मोटी-मोटी गोरी जाॅहंगे देख कर मेरे लौड़ा खड़ा होने लगा..साड़ी ऊपर उठा कर काका अपना एक हाथ हुमा भाभी की चूत को मुट्टी में पकड़ का मसल दिया होगा इसी के लिए..भाभी आआआआआआआआअह्हह्हह्हह करते काका की गुड़ से उत्त कर आगे जाकर खड़ी हो गई…काका उत्त कर भाभी के खरीब गया..मैं काका का शरीर देख कर परेशान हो गया काका का शरीर मस्त टाइट और घाटिला था..छाती के बराबर कंधे पर पीठ पर काले और सोफे वाले बालों का जंगल था… काका भाभी के करीब गया भाभी मुस्कुराती हुवे पिचे प्लाट गई..काका बोला अरी मुस्लिम छिनाल मुझसे शरमती है..8 महीने से तेरे इस जवान जिस्म को भोगने के लिए तड़प रहुन..ये कहते हुवे काका हुमा भाभी के पीछे खड़ा हो गया बद्री काका के पेंट के सामने एक बड़ा सा तंबू बना हुआ था काका अपने उस तंबू को हुमा भाभी की गांड के साथ लगा दिया। अपने हाथों से हुमा भाभी का पल्लू गिरा कर भाभी के कांधे पर किस किया और भाभी का ब्लाउज खोलने लगा। काका का हिंदू लंड उनके गांड में घुसा हुआ था। भाभी: ये क्या कर रहा है. काका: तुझे नंगा कर रहा हूँ मुस्लिम रंडी…फिर भाभी का ब्लाउज खोलने के बाद भाभी की ब्रा हाथ में आ गई। उनकी चूची दिखने लगी. निपल्स एकदम खड़े थे. काका ने हमें एक किस कर लिया। काका का मुँह उनके निपल पे था. काका की चूची को मुंह में लेके चूसने लगा…आआआआहहहहह भाभी की सिसकियां निकल रही थी…निपल चूसने के बाद काका हुमा भाभी के शिकार पर अपना हाथ रख दिया…भाभी: काका बेडरूम में चल। काका हुमा भाभी के होठों को चूमते हुए भाभी को बेडरूम में ले गया और देवर के सहारे खड़ा कर दिया काका ने भाभी की ब्रा निकाल दी। और जोर जोर से उनको चुची दबाने लगा। निपल बिलकुल कड़े हो गए थे…काका कस कर भाभी की चुहियाँ मसलने लगा और कह रहा था मुस्लिम रंडी तेरी चुचियाँ शादी के बहुत बड़ी और मस्त हो गई हैं..एकदम मस्त गोल गोल हो गई मुस्लिम छिनाल शहर जाकर एडम मस्त चिकनी हो गई है थू…लगता है तेरा पति तुझ को 8 महीने में बार बार नहीं चोदा..हिजदा है काया सल्ला…मुस्लिम रंडी आज 8 महीने में बुरी तू मिली है..जम कर चुदाई करूंगा तेरी…बहुत तड़पा हूं तेरी इस जवानी को लूटने के लिए..भाभी: मैं भी इसी के लिए आई हूं…तुज से चुदवाने…बार बार मुझको शादी से पहले वाली चुदाई याद आती है..कैसे तूने मेरी जवानी लूटा था..कैसे तू ने मेरी सील तोड़ी थी…कैसे तूने मेरी गांड मारी थी..कैसे मुझे रगड़ रगड़ कर चोदता था… Desi Hindi Sex Story

ये सब मुझे रोज़ याद है…हिंदू हरामज़ादे..कुत्ते अपनी मुस्लिम रंडी को आज भी वैसे ही चोद हिंदू मादरचोद। ये सुन कर बद्री काका और पागल हो गया और भाभी की चुची को और बेरहम से दबने लगा। एग्जिटमेंट में कौन जाग रहा था। भाभी उत्तेजना में बोलती जा रही थी, “आआहहह…काका उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़.. दबा और दबा कर मुझे लाल कर दे…हह तेरी मुस्लिम राखेल की चुचियाँ हायइइइइ मार दाआआआअल..हांन्न..और कर..उफफफ…ये क्या…उम्म्म्म..ओह…मेरी चुचियाँ.ओह्ह्ह्ह ह्ह्ह.. इतना…दर्दद्द.. बहुत अच्छा ..लग..रहाआआ.. दर्द मुझे अच्छा लग रहा है ..ओहोहह हिंदू मादरचोद ..काका ..आज मरर.. दाआल ओह्ह्ह्ह मैं मर जाऊँगइइइइइइ बस्स्स्स्स्स्स्स्स्.. काका..ओह्ह.. काका अपनी मुस्लिम रंडी को माआअर दआआल…हिंदू मादरचोडूओद्दद…अपनी मुस्लिम भोसड़ी को मार डाला” लूट ले मेरी जवानी…शादी से पहले जैसा लूटा था मेरी कमसिन जवानी उसे भी बुरी तरह लूट ले…काका कुत्ते…काका: ओओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह, क्या मस्त चूचियां होंगी हैं मुस्लिम छिनाल तेरी अह्ह्ह्हह्ह….भाभी को दर्द और मजे में देख काका पागल हो रहा था। कमरे में भाभी की सिसकियाँ गूंजने लगीं, “आआअहह ऊऊहहह ह्म्म्म्म आअहहहह आअहह ऊऊहह या ज़ोर से हिंदू मादरचोद्द या ज़ोर से काका वूऊऊऊऊ वूऊऊऊ तू जो बोलेगा वो मैं करूंगी….काका। बहुत तरसी हूं तेरे हिंदू लंड के लिए….8 महीने से तरस रही हूं तुझसे चुदवाने के लिए शादी से पहले डर डर के चुदवाती थी…और तू भी डर डर के चोदता था…अब शादी हो गई है…अब कोई डर नहीं…अब तेरे दिल में जो आया वो कर मेरे सात…आआआह्न्नन्न स्स्स्स्स्स श्श्श और जोर से, उस्स्स्श्ह्ह्ह्ह आहाआआआ। Ummmmmmmmm, uiiiiiiiiiiiiiii…Muuuujjhhheeeeee pyyaaa aarrrr kaaaarrrrrrr,
मुजी अपनी बहुओं में कस ले हिंदू हरामी.. काका: मेरी मुस्लिम राखेल तुझे नंगा देखना चाहता है तेरा हिंदू हरामी काका.. मुस्लिम साली शादी होने के बाद तेरा जिस्म एकदम मस्त भरा हो गया है… तेरी चूचियां और गांड एकदम मस्त हो गई हैं… मुस्लिम रांड… तुझको नंगा करूंगा…तेरे नंगी जिस्म से नहीं खेल कर 8 महीने होगे मुस्लिम रंडी…होगी न नंगी अपने काका के लिए..भाभी: हां काका मुझको नंगा करदे अपनी हवस मिटाले और मेरी पियास भी बुझा दे…देख ले नंगा…मुझको…उतार डाल मेरे कपड़े…लूट ले मेरी जवानी..अब काका भाभी की साड़ी उतारने लगा, भाभी अब सिर्फ पेटीकोट में थे, बद्री काका भाभी का पेटीकोट को ऊपर सरका दिया। अंदर भाभी की सफ़ेद पैंटी जो गिली हो गई थी इतनी देर में। काका ने अपनी नाक लगा दी भाभी की मुस्लिम चूत वाले वेट स्पॉट पे। बहुत अच्छी खुशबू आ रही है. काका जीभ से हमें गिले वाले स्पॉट पे चाटे जार आहा था.. चट चट कर काका ने पेटीकोट के अंदर हाथ डाल कर पैंटी पकड़ी और एक झटके में पैंटी कींच के फाड़ दे। भाभी दर्द में गाल Antarvasna पड़ी”आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ निकलने से. भाभी ने कहा तेरी मुस्लिम रंडी हूं मैं। काका: और क्या है तू मेरी बोल.. हुमा: तेरी मुस्लिम रंडी…तेरी मुस्लिम रखैल, तेरी चुद्दकड़ मुस्लिम छिनाल काका: और मैं कौन हूं तेरा. भाभी: तू मेरा हिंदू मादरचोद चोदू, मेरा हिंदू हरामइइइइ भड़वा जो मुझको नंगा करता है मेरे कपड़े उतारता है, जो अपनी मुस्लिम भोसड़ी को रगड़ रगड़ कर चोदता है, और जो अपनी मुस्लिम रंडी की जवान गरम मुस्लिम चूत को शांत करता है, जो अपनी मुस्लिम रांड की गांड मारता है… तू मेरा हिंदू धगड़ा है.. तू मेरा हिंदू चोदू बद्री काका है.. ये सब सुन कर बद्री काका और भी दबा दबा कर भाभी की मुस्लिम चूत को मसाला लगता है भाभी मजे से और दर्द से सिसकियां ले रही thi…Ahhhhhhhh.Uhhh hhhhhueeeeeeeeeeeeeema.ahhhhhhhhh basssssss kakaaaaa Aahhhhh. ऊऊहहहहहहह आआआआआ आआहह.. मेरी भाभी के मुँह से ये सब सुन कर मैं परेशान हो रहा था..भोली सी मासूम सी नज़र आने वाली मेरी भाभी बाहर से कुछ और थी अंदर से कुछ और..अगर मेरा भाई भाभी का ये रूप देख ले तो शायद सुसाइड कर लेगा…काका फिर से एबीबी भाभी की चुचियों पर हमला कर दिया था..काका एक तरफ भाभी की एक निपल दबा रहा था और दूसरा निपल जोर जोर से चूजे हुवे भाभी की मोटी चूत मसल रहा था और दूसरी तरफ भाभी की मुस्लिम चूत पर अपना हिंदू लंड रगड़ रहा था। भाभी सिस्कारियां लेने लगी, “आआआआआ आह, स्स्स्स्स्स स्स्स्सोह.. फिर काका ने भाभी के पेटीकोट को पकड़ा और उसे खींच कर पेटीकोट निकाल दिया और भाभी की मुस्लिम चूत को देखने लगा। भाभी पूरी नंगी हो चुकी थी…वाह क्या चिकना बदन था भाभी का.. काका भाभी का बदन देख कर पागल हो गया आआह्ह्ह्ह मुस्लिम साली क्या निखार गया तेरे जिस मुस्लिम छिनाल.. आज तेरे इस जिस्म को नोच डालूँगा मुस्लिम रांड ये कहते हुवे काका भाभी की मुस्लिम चूत की तरफ देख रहा था एकदम क्लीन शेव गुलाबी मुस्लिम चूत थी। भाभी का गोरा चिकना जवान बदन काका को पागल कर रहा था… मुस्लिम साली छिनाल आज फिर से मैं तुझे रगड़ रगड़ कर चोदूंगा… भाभी : चोद ले काका किसने रोका है तुझको.. कर ले अपना मन मेरे जवान जिस्म के साथ.. लूट ले मेरी जवानी.. रगड़ डाल मेरे जिस्म को.. अपनी मुस्लिम राखेल को गलियां दे..दे कर चोद..मुजको को अच्छा लगता है जबतू मुझको को गलियां दे दे कर चोदता है.. 8 महीने से तेरी चुदाई के लिए तरस रही हूं…तेरे इस काले लंबे मोटे हिंदू लंड के लिए तड़प रही… काका..हां मुस्लिम छिनाल तुझे बहुत गलियां दूंगा..तेरे मर्द का लौड़ा कैसा है री मुस्लिम रांड बोल ना…बद्री काका मेरे पति का लौड़ा कड़क होने के बाद सिर्फ 5” लंबा और 2” मोटा होता है.. अच्छा मर्द है…रोज चोदता है…मेरे मर्द मियां कोई कमी नहीं…पर काका तेरे इस काले लंबे मोटे हिंदू लंड की बात कहां..जो मजा तुझ से चुदवा के आता था..वो मजा मेरे मर्द से चुदवा के नहीं आया..बहुत तरसी हूं काका..रगड़ रगड़ के चोदना मुझको रहम मत करना..अब कोई डर नहीं है..फाड़ डालना मेरी मुस्लिम चूत को लूट लेना मेरी जवानी…अगर मैं तुझे कहूं रुकने को तो तू रुकना नहीं काका: नहीं रुकूंगा..भाभी: अगर मैं रू भी जाऊं, गाल मारूं या मुझे बहुत दर्द हो तो भी नहीं रुकेगा। काका: मुस्लिम रंडी साली हमा तू मेरी मुस्लिम रखील है मैं तेरे साथ सारी गंदी हरकतें करूंगा वो सब कुछ करूंगा जो तू चाहती है और जो मैं चाहता हूं। जब तेरी शादी नहीं हुई थी मैं डर डर कर चोदता था और तू डर डर कर चोदती थी…आज सारी कसर निकाल दूंगा…मेरी मुस्लिम छिनाल..
भाभी: तू अपनी मुस्लिम रंडी को तड़पता देखना चाहता है ना. काका: हां मेरी मुस्लिम रंडी तुझे मेरे जिस्म के नीचे तड़पता देखना चाहता हूं..भाबी: अपनी मुस्लिम रंडी को तड़पा देखना चाहता है ना..भाभी काका के: अपनी मुस्लिम रंडी को तड़पा देखना चाहता है ना..भाबी काका के: होठों को चूसने लगी और उनके बालों से भरे हुवे सीने को चाटने लगी काका के निपल को चूसने लगी.. भाभी काका के हाथ ऊपर कर के उनके बालों से भरे बगलों (बगलों) को बारी बारी चटने लगी.. भाभी के थूक से काका का सीने और बगल भीग रहे द..भाभी अपनी मुस्लिम चूत काका के हिंदू लंड की जगा रगड़ रही थी..बड़े काका को मस्ती चढ़ रही थी और वो कह रहा था… आआआआह मेरी मुस्लिम रंडी … मेरी मुस्लिम छिनाल .. मेरी मुस्लिम रखील .. तेरे जैसी गरम और चुदक्कड़ औरत आज तक नहीं देखी…कितना मजा दे रही है मेरी मुस्लिम रांड..भाभी काका के जिस्म को चाटते-चाटते काका की पेंट भी उतारना शुरू किया। जैसा ही पेंट आला हुआ काका का हिंदू लंड बाहर आ गया, बाप रे मेरी अंकन फटी की पहती रह गई इतना बड़ा काला मोटा हिंदू लंड देख कर…भाभी इतने बड़े हिंदू लंड से अपनी कुंवारी मुस्लिम चूत की सील तुड़वाई..मुझे यकीन नहीं हो सकता था.. जब भाभी ने काका का हिंदू लंड देखा तो उसे जैसा नशा सा लग गया, भाभी काका के हिंदू लंड तो देखती रही…काका: क्या देख रही है मेरी मुस्लिम छिनाल..भाभी एक टोपी से काका के हिंदू लंड को सहला रही थी दूसरी टोपी से काका के बालों से भरे बड़े बड़े बालों को सहलाते हुए..कहने लागी: तेरा ये हिंदू लंड इतना बड़ा और मोटा है, हिंदू मादरचोद इसी हिंदू लंड से तू ने मेरी कुंवारी मुस्लिम चूत की सील तोड़ी थी.. इसी हिंदू लंड से मेरी मुस्लिम चूत को खून खून कर दिया था.. इसी हिंदू लंड से मेरी कुंवारी गांड मारी थी.. इसी हिंदू लंड को मेरे मुंह में डाल कर बेरहमी से चूसवाता था ना.. हिंदू मादरचोद काका तूने मुझे इस हिंदू लंड की दीवानी बना दिया..
और आज मुझे चोदेगा ना इस हिंदू लंड से, अपनी मुस्लिम रांड की जवानी इसी हिंदू लंड से लूट मेरे हिंदू मादरचोद काका…हां मेरी मुस्लिम रंडी भोसड़ी वाली तेरी कुंवारी मुस्लिम चूत और गांड चोद के जो मजा मुझको मिला आज तक वो मजा मुझको फिर कभी नहीं मिला..मेरी मुस्लिम रंडी उस वक्त तू गरम थी बहुत गरम थी तेरे अंदर…और आज भी तुझमें बहुत गरमी है…मुस्लिम छिनाल तेरी मुस्लिम चूत को चोदने में जो मजा है वो किसी और मैं नहीं…ये कहते हुए काका ने अपनी दो उंगली अपनी भाभी के मुंह में डाल दी और कहा..चट मुस्लिम रंडी इसे चाट पहले और गिला करदे। काका की उंगलियों को हमा भाभी चाट रही थीं और चाट चाट कर गिला भी कर दिया था। और फिर काका ने उंगलियों को भाभी के मुँह से निकाल कर उनकी गरम मुस्लिम चूत पर रख दिया। भाभी: घुसा दे.. काका..घुसा दे अपनी उंगलियों को अपनी मुस्लिम रंडी की मुस्लिम चूत में घुसा दे..काका; मुस्लिम रंडी अब तुझे और दर्द दूँगा। तुझे मज़ा दोंगा..तुझे तड़पाऊंगा..थूजे लूटूंगा तेरी इस जवानी से कहलोंगा…मुस्लिम छिनाल..ऐसा कहता ही काका ने अपनी गिली उंगलियों को भाभी की मुस्लिम चूत में बहुत जोर से… से घुसा दिया भाभी की मुस्लिम चूत शायद बहुत टाइट थी और भाभी जोर से चिल्लाई पड़ी, “ओहहह.स्स्स्स्स…ओआआहह…मार डाला हिंदू मादरचोद आआआहहह मेरी मुस्लिम चूत फाड़ डाला तूने भडवे..आहहहहहहह..मज़ा अगया मेरे राजा…. और अंडर घुसा काका और अंडर अंडर…आआआहह काका मजा आ रहा है।”बद्री काका अपनी दो उंगलियां तेजी से अंदर बाहर करने लगा…। भाभी पागल हुई जा रही थी हुमा भाभी की मुस्लिम चूत शायद बहुत ही गरम थी काका ऐसा करते ही उसके मुँह से सिस्की निकल गई.., “आआह्ह्ह्ह, ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म, ह्ह्हाआआ… यस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्… ऊऊह्ह्ह्ह हिंदू मादरचोद… आआआ आआ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह” लग गया रहा था काका भी पूरा गरम हो चुका है। मैं ये सब देख रहा था मेरे बदन का रोया-रोया खड़ा हो गया था..मेरा लौड़ा टाइट होकर अकद गया था..मुझे लौड़े में दर्द सा हो रहा था..मैं अपनी पेंट की जिप खोल कर अंडरवियर को अलग करके अपना लौड़ा बाहर निकला और मरने लगा…मुझे इतना मजा कभी भी नहीं मिला था..काका भाभी को तड़पता हुआ देख रहा था..काका: मेरी मुस्लिम रंडी को दर्द और मजा काका..भाभी ने अपनी टांगे खोल दी..काका: मुस्लिम भोसड़ी अब तुझे और मजा आएगा..भाबी: दे अपने मुस्लिम रंडी को दर्द और मजा काका तब काका ने भाभी की मुस्लिम चूत पर प्यार से मुंह से चूमा…फिर हमभाबी की मुस्लिम चूत के होठों को चाटने लगा..भाभी के शरीर को उत्तेज़ना देने के लिए काफी था। कौन तड़पने लगी, “आहहहहहहह …न्न्न्नाआआआआहहीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई भाभी के आँखे बंद हो रही थी। उनको नशा हो रहा था और उसे मजा भी आ रहा था, भाभी का मस्ती से भरा चेरा देख काका और पागल हो गया और बोलने लगा तेरी जवानी लूट रहा हूं..तेरी जवान मुस्लिम चूत का रस निचोड़ रहा हूं..काका ने दोबारा भाभी की मुस्लिम चूत को जोर से चूसा…मुस्लिम चूत के होठों को दांत से काटा…फिर मुस्लिम चूत का दाना पर जीभ फिराया…उसे मुंह में ले कर चूसने लगा…भाभी की मुस्लिम चूत पानी छोड़ रही थी…काका को शायद हमसे का स्वाद बहुत मजा आ रहा था…काका ने जीभ को और अन्दर घुसा दिया…भाभी के मुस्लिम चूत मैं अंदर तक चली गई..फिर मुस्लिम चूत का आदमी को चूसा…आआआआ आआआआआआआआआअम्म्म्मम…जोर जोर से चूसने लगा..भाभी: आआआआआआआआआहह…भाभी का दर्द भरा चेरा देख काका और पागल हो गया..काका भाभी के मुस्लिम चूत पर से गिलेपन को चाटने लगा और भाभी मस्ती से आहें भर रही थी तेरा और बुरा हो रहा था, “आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ।” स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स…और करता जा अपनी गन्दी मुस्लिम रांड को…आआह मार डाल मुझे…आआआआआआआआआआआआ ह्ह्हह्ह…मैं तेरी गन्दी मुस्लिम रंडी हूँ…आआआआआआआआआआआअहह…अब काका ने भाभी के बाल पकड़े और उसके चेहरे को अपने हिंदू लंड के सामने ले आया और काका.. काका: देख, मुस्लिम छिनाल तेरे हिंदू धागड़े का हिंदू लंड देख 8 महीने से तेरी याद मैं पागल होगे तेरी जवानी लूटने तरस गया तुझे भोगने मचल रहा है देख मुस्लिम छिनाल..तेरी मुस्लिम चूत को ये फाड़ के रख देगा..

भाभी: हन मेरा हिंदू हरामी काका, अपनी मुस्लिम छिनाल की मुस्लिम चूत फाड़ दे..काका: हां मेरी मुस्लिम रखैल..भाभी: और क्या करेगा तू अपनी गंदी मुस्लिम रखेल के साथ..काका: चाट अपने हिंदू धागड़े के हिंदू लंड को..भाबी: हायइइइ मेरे हिंदू धगड़े तेरे इस हिंदू लंड को खाने के लिए ही थू आई हूं मेरे राजा। तू जो कहेगा वही करूंगी..काका का हिंदू लंड भाभी के मुंह के पास था और भाभी हिंदू लंड की चामड़ी को पीछे करके अपनी ज़बान से चैट ने लगी..काका का हिंदू लंड देख कर मैं पागल हो गया था..इतना काला मोटा लंबा हिंदू लंड मेरी भाभी अपनी कुंवारी मुस्लिम चूत मैं कैसी लगूंगी..कितना रोई होगी..कितने मजा मारे हैं मेरी मुस्लिम रंडी भाभी ने…मैं जोश में आकर अपना लौड़ा हिला रहा था..हुमा भाभी किसी पागल की तरह जोश में आकर बद्री काका का हिंदू लंड चूस रही थी चैट कर रही थी.. एक टोपी मैं हिंदू लंड था दूसरी टोपी से काका के बालों से भरे टट्टों को चाट रही थी..हिंदू लंड के ऊपर के बालों को चाट रही थी..हिंदू लंड के ऊपर के बालों को मसल कर खींच रही थी..झांटों के बालों को चाट रही थी.. हिंदू लंड और टट्टों के अजू बाज़ू जांघों को चाट रही थी.. काका भूलभुलैया में सिसाक रहे थे..आआआआअह्हह्हह्हह मुस्लिम रंडी…बहुत कामुक हो गई है तू अह्हह्हह्हह ववउउउ मुस्लिम छिनाल चाट ले चूस ले आआआआआआह्हह्हह्हह्ह खा जा ये तेरा ही हिंदू लंड है…भाभी का ये कामुक अंदाज देख कर मैं डांग हो रहा था भोली भाली मासूम देखने वाली मेरी हुमा भाभी अंदर से इतनी गरम है..एक हिंदू आदमी की मुस्लिम रखा है.. मैं जोश में अपने लौड़े को हिला रहा था..अचानक मेरे लौड़े ने जैसी बरसात कर दी मेरे लौड़े से जोश के मारे इतना वीर्य निकल रहा था..गड़े वीर्य की पिचकारी पर पिचकारियां निकल रही थी… बहुत सारा वीर्य निकलता ही मेरी आंखों में अंधेरा छा गया मेरे घुटनों में जैसे जान ही नहीं रही..मैं अपने घुटनों को पकड़ के अपनी आंखों को बंद करके वही जमीन पर बैठ गया कुछ मिनट खराब जब मैं संभल थो मैं उतर कर फिर विंडो से झनकने लगा हुमा भाभी अभी भी बद्री काका के हिंदू लंड को चूस रही थी चाट रही थी..
काका नंगी भाभी को अपने हाथों से ऑपरेशन उठाया और बिस्तर पर लेटा दिया.. हुमा भाभी का नंगा जिस्म देख कर मेरी राल टपकने लगी गोरा जीसम बहुत मस्त था..गोरी मोटी मोटी झंगे गोल मोटे मोटे मुस्लिम चूतड..कस्सी हुई गोल गोल चूचियां..क्लीन शेव की हुई मोटी मुस्लिम चूत…भाभी मस्त माल लग रही थी..हिन्दू बूढ़ा मेरी भाभी की जवानी लूट रहा था और मैं किसी पागल की तरह सब देख रहा था..काका ने भाभी को बिस्तर पर लिटा दिया कर उनकी नंगी जवानी देख कर काका की सांस फूल रही थी। अपना कड़क तना हुवा हिंदू लंड मसल रहा था…भाभी काका का हाथ पकड़ का बोली, “आआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह हिंदू हरामीईईईई हिंदू मादरचोद्द..चोद ना मुझे..आजा मेरे राजा चोद दआआल अपनी हुमा को..काका भाभी का हाथ झटका कर एक पुरानी सी अलमारी की तरफ जाने लगा और फिर..काका ने अलमारी से डिल्डो निकाला ये डिडलो मुझे खरीब 6” लम्बा और 2” मोटा लग रहा था..(मैं देख कर डांग रह गया पता नहीं गाऊं मैं काका को डिडलो कहां से मिला) और भाभी के दोनो हाथ ऊपर कर बिस्तर पर रख दिये। फिर भाभी की टांगों को पकड़ा और जोर से खोल दी और उनकी गिली मुस्लिम चूत में डिल्डो घुसेड़ दिया तो वो चिल्लायी, “आआआह्ह्ह्ह आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआह्इइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइइ। अब नजारा कुछ ऐसा था कि हुमा भाभी जो पूरी नंगी बिस्तर पर पड़ी है, और काका मेरी भाभी के सामने अपना काला मोटा लंबा हिंदू लंड मसलता नंगा खड़ा है। भाभी को इसमें मजा आ रहा था. वो खुल के काका साथ दे रही थी. डिल्डो भाभी के मुस्लिम चूत में घुसा था और जो इसका आनंद ले रही थी..काका: बोल मुस्लिम रखैल हमें चोदना चाहती है तू अपने हिंदू यार से..भाभी:चोद दे अपनी मुस्लिम रंडी को…अपनी मुस्लिम रांड को हिंदू मादरचोद चोद ना…आआआआ आअह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाभी चिल्ला रही थी…आआआआआआआ ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह..आआआ चोद..आआआ आहाआ आहाआ आआआआ चोद मुझे काका चोद भी दे अपनी मुस्लिम रंडी को इतना मत tarsa. अब डिल्डो भाभी की मुस्लिम चूत से निकला। डिल्डो पूरा गिला था. काका ने उसे प्यार से चाटा और भाभी की मुस्लिम चूत का रस पिया। फिर उसे भाभी के गांड पे लगा कर कहा मुस्लिम रंडी ये नकली लंड याद है तुझे.. तेरी शादी से पहले जब तू हॉस्टल से घर आई थी तो अपनी सात ले आई थी.. तेरे कमरे की सफाई करता वक्त पार्वती को मिला था.. याद आया मुस्लिम छिनाल .. भाभी बोली हन काका याद आया ये मेरा नहीं था ये मेरी रूम मेट कावतिया का था..मैंने इसको इस्तेमाल नहीं किया..किसी का भी हो मुस्लिम रांड ये देखने के बाद ही था तो मैं ने तुझे पता कर चोदा था..मुस्लिम रंडी ये एक झटका में पूरा तेरी गांड फाड़ता हुआ जाएगा मगर तुझे दर्द होगा। डालू इसे तेरी गांड में? 8 महीने से किसी ने तेरी गांड नहीं मारी होगी..तेरी गांड टाइट होगी ना. Kaka ne bhabi ki gaand mein gila dildo ghused diya bhabi chillane lagi, “Aaaaaa aarrrrrr rrrrrraaaaaaaahah hhhhhhhhhhhhh…haiiiiiiiiii rrrrrrrreeeeeee eeeeee…didlo ko andar bahar karne laga bhabi kuch der dard tadapti rahi phir bolne lagi aaaaaaaaahhhhh ab maza आ रहा है..देले रहो इसे..काका रुका नहीं और भाभी के गांड में डिल्डो ढक रहा है..अंदर..और नीचे.. और अंदर वो दर्द कर रही थी गाल पर.. अनाआआअहह ह्ह्ह्हह्ह्ह्हीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई.. kakaaaaa bbbbaaaassssss rrrrrrrruuuuuuuukkkkk jaaaa aaa.. kakaaaaa. तेरा हिंदू लंड चाहिए मुझे ये डिल्डो नहीं। Rrrrrruuuuukkkkkk jjjaaaaa kaka. हिंदू मादरचोद…
ruuuuuuuuukkkkkkkkk jjjjjjaaaa ppppplllllsssssss ruuuuuuuuuukkkk jjjjjjaaaaa..Shayad bhabi chahti thi ki kaka dildo ko nikal de magar kaka ruka nahi. 10 मिनट तक भाभी ऐसे ही गालती रही और काका हुमा भाभी की गांड में डिल्डो डाल रहा है..गोल गोल घूमाता रहा गांड में…भाभी मजा बी ले रही थी और दर्द से गाल भी रही थी…काका: मेरी मुस्लिम रखील हुमा अब मैं तुझे और तड़पाउंगा..भाभी : न्न्न्न्न्नाआहिइइ मैं और नहीं सह सकतीइइइइइइ..भाभी की गांड मैं वो डिल्डो अभी भी अंदर ही थी..तो काका ने अपना हिंदू लंड भाभी के होठों पर रगड़ने लगा हिंदू लंड का प्रीकम भाभी के होठों पर चमक रहा था..चूस मुस्लिम साली..ले अपने मुंह मैं.. मुस्लिम रंडी मुंह खोल अपना मुंह..भाभी अपना मुंह खोल के काका का हिंदू लंड का इंतजार कर रही थीं काका ने हिंदू लंड को भाभी के चेहरे पर धीरे से मारना शुरू किया..हुमा भाभी को बहुत अच्छा लग..बोलने लगी, “आआआ न्नन्नन्नहहह।” ह्ह्ह्हिइइइइइ बब्ब्ब्बाआसस्स काआआर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र। उत्तेजना मुख्य काका ने इतनी जोर से डाला कि काका का हिंदू लंड भाभी के गले तक पहुंच गया। भाभी बोली, “म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.. म्म्म्म्मुह्ह्ह्ह.. आम्म्म्म।”10 मिनट तक भाभी का मुंह चोदने के बाद काका ने अपना हिंदू लंड निकाला तो भाभी ने एक ज़ोरदार बिना लीई, “याआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ के साथ वहाँ के वहाँ वहाँ वहाँ कर। काका अब बस कर..काका बोला..अभी तो शुरू हुआ है मेरी मुस्लिम रखील..शादी से पहले तू कुंवारी थी..इसके लिए तुझे श्रीफ चोदा करता था..मुस्लिम छिनाल..अब तेरी शादी होगी है..अब कोई डर नहीं..जवानी के मजे लूटो मेरी मुस्लिम रांड..डर मत कुछ नहीं होगा..तेरे इस गरम जवान जिस्म से खेलने दे..लूट लेने दे तेरी ये जवानी मेरी जवान मुस्लिम रंडी..थो मेरे इस काले मोटे लम्बे हिंदू लंड से खेल..मेरे हिंदू जिसम से खेल..और मुझे तेरी इस जवानी से खेलने दे..लूटने दे..भाभी बोली…आआआआआआअह्हह्हह मेरे धागड़े..लूट ले मेरी जवानी..किस ने रोका है..चोद ले..फाड़ डाल मेरी मुस्लिम चूत..अब कोई डर नहीं..है..आआआआआअह्हह्हह..दोनो की चुदाई और जानवरों जैसी हरकतें देख कर मेरा लौड़ा फिर से अचानक चालू हो गया था..मेरी भाभी का ये रूप मुझको परेशान कर रहा था..8 महीने में मैं भाभी को भोली मासूम..औरत समझ गया था..
मगर यहां इस हालत में देख कर मुझे भी भाभी को चोदने का मन कर रहा था..बद्री काका का इतना बड़ा मोटा लंबा हिंदू लंड लेने वाली मेरी भाभी को मेरा 5” का लौड़ा पसंद ही नहीं आएगा..मेरा लौड़ा कड़क हो गया था मैं फिर से अपने लौड़े को मसलने लगा..काका थोड़ा नीचे हुआ और भाभी की गांड देखी, गांड में डिल्डो अभी भी था..बद्री काका बोल रहा था अब मैं तुझे चोदूंगा मुस्लिम रांड.. भाभी बोली चोद दे हिंदू हरामीईईई..चोद दे..डाल अपना हिंदू लंड मेरी मुस्लिम चूत मैं और मत तड़पा..तब काका ने अपना हिंदू लंड भाभी की मुस्लिम चूत पर रखा और रगड़ने लगा। भाभी सिसकियाँ लेने लगी, “आआआ ह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह आआआअह्ह आआआह्ह्ह घुसा दाआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ. Mujhe lag raha tha Kaka bhabi ki muslim chut bhi chodne wala tha aur dildo se gaand bhi marne wala tha, aur phir ek jordaar dhakke se kaka ne apna hindu lund andar ghused diya…Huma bhabi cheekh uthi, “aaaaaaarr rrrrrrrrraaaaaarrrreeeeeee eehhhhhhhh… ओह्ह्ह्ह…ऐसे ही चोदो…तेरे इस हिंदू लंड के लिए मैं कितना तड़प रहा हूं..हिंदू मादरचोद्दड घुसा दे पूरा..आआआआअह्हह्हह तेरी झांटे मेरी मुस्लिम चूत को बहुत अच्छा नहीं लग रहा है दआअल पूरा अंदर…चोद काकाआआ…ओह्ह…निकल मेरी गांड से अपना डिल्डो.. हिंदू मादरचोद.. हिंदू हरामी..तुझे पता नहीं तू क्या कर रहा है…ओह्ह..आह..मेरी गांड फटेगा क्या।” “पता है…मुझसे…मुसलमान रांड तुझे मजा आ रहा है ना बोल।” मगर काका ने डिल्डो भाभी की गांड में रहने दिया। भाभी लगतार बोल रही थी, “चोद काकाआ… चोद मुझे हिंदू मादरचोद..हिंदू हरामईईईई..चोद मेरी मुस्लिम चूत…ऐसे ही… चोओउद्दद्दद्द…अह्हह्हह्हह….ओहेह्हह्हह्ह…ओह्हह्हह्हह्ह..ओह्हह्हह्ह.. काका बोल रहा था मेरी मुस्लिम रांड हुमा तेरी इस जवान मुस्लिम chut ke iss maze ke liye 8 mahine se tarsa ​​hun meri muslim chinal.. aaaaaaa aa mast tight hai teri ye muslim chut .. aaaaaaaaaahhhhh mera hindu lund fit hogaya teri muslim chut main…aaaaaaaahhhhhhhh…bhabi बुड़बुड़ा रही थी..चोद चोद…ऐसे ही…चोद हिंदू हरामी…और जोर जोर से.. हिंदू मादरचोद…हिंदू हरामी और ताकत लगा” कुत्ते..“मुस्लिम साली चुडेल…मुसलमान छिनाल…ले मेरा हिंदू लंड…माकिलौदी ले”काका एक तरफ अपने हिंदू लंड से भाभी की मुस्लिम चूत मार रहा था और दूसरी तरफ डिल्डो भाभी की गांड में ढकेल रहा था।“चोद…आआआअह्हह्हह..आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ रहा था, “हांन्न मुस्लिम रंडी….तेरी मुस्लिम चूत ने मुझे दीवाना कर दिया..भाभी बोली, “काका झड़ने वाली हूं झड़ने वाली हूं मैंआआआआआअह्हह्हह…अह्हह्हह्हह्हह्ह…ओह्हह्हह्हह्हह्हह्ह…यस्स्स्स्स्स।”भाभी की मुस्लिम चूत से पानी का फुवारा निकल पड़ा…और वो जोर से चिल्लाई, “ऊहह ऊऊऊऊ ऊऊआआआ..लेकिन काका भाभी को चोदता ही रहा, भाभी झड़ चुकी थी पर फिर भी काका भाभी को चोदता रहा, डिल्डो भाभी की गांड में था.. काका भाभी को चोद ही जा रहा था, “ओहहहहह ..भाभी शायद फिर से गरम हो रही थी वो फिर कहने लगी: हाँहहह…छूओउद्द्द्द्द्द मुझे…मैं त्र्री मुस्लिम रांड्द्द्द्द हूऊ.. मेरे चोदू धागड़े चोद डाल डाल फाड़ डाल मेरी मुस्लिम चूत को..20 मिनट तक भाभी को ऐसे ही चोदता रहा और फिर भाभी बोली…उम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्मकाकाआआआआआआआआ मैं झड़ ने वाली हुन्नन्नन्न न्नन्नन्न,,
भाभी: ओहोहोह ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… भाभी की मुस्लिम चूत से फिर पानी निकल गया… भाभी दो बार झड़ चुकी थी… काका का स्टैमिना देख कर मैं सुन रहा था के बुड्ढे मैं इतना ही। ताक़त कहां से आई.. चोदे ही जा रहा है..भाभी बोल रही थी..बस कर काका हो गया अब भी…बस कर हिंदू मादरचोद..हिंदू भड़वे…कुत्ते, हरामजादे, मा के दल्ले, भडवे हिंदू मादरचोद ..ऊऊऊऊऊद्दद्द. .कितना मजा आ रहा है मेरे राजा..लगता है तू ने पावर वाली जल्दी बूटी खाई है…आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह लूट ले मवेरी जवानी…कूऊओ…हिंदू हरामी कुत्ते भाभी एक्साइटमेंट में गाली देता जा रही थी..काका अब भी भाभी को चोद रहा था और काका ने चोदते-चोदते गांड से डिल्डो निकला, और भाभी की मुस्लिम चूत में हिंदू लंड के ऊपर से अंदर घुस गया…भाबी की लड़की मुस्लिम चूत में हिंदू लंड के ऊपर से अंदर घुस गया.. भाभी की छोटी सी चूत में दूध और काका का लंड एक साथ घुस गया..भाबी की दर्दनाक चीख निकल gayi.. Ooooooooooohhhhh hhhhhhhhhhhh…nikaaaaaaaal…bhusidkeeeeee..aahhhaaaaaaaaa nnnnaaaaahhhhhhhhhhhhee eeeennnnnn nooooo ooo…rrukkkkk..rrrrukkkkkkkk bbbbasss sss. rrrukkk…Main jhhad ne waaaaali hunnnn Main jhadddddddi main jhadiiiii jjjjjjjhhhhhhaaaadddd eee..Mainjhhhhhaddd ddddeeeee eeeeeeaaaaa Bhabi ki muslim chut se teesri baar paanee behne laga aur kaka ka hindu lund aur didlo poora gila ho chuka tha. Bhabi ki tight muslim chut main mota hindu lund aur didlo ek sat andar bahar ho rahe the.. bhabi tadap rahi thi…aur kah rahi thi..hindu haramiiiiiiiii tune meri muslim chut phad daali…ye kaki parvati ka bhosda nahi kamine meri chut hai…aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh ya tho apna हिंदू लंड निकआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआ जैसा जैसे जैसे निकला।
बद्री काका बोला मुस्लिम छिनाल आज सारी कसर निकाल लूंगा..थू 10 दिन रहेगी ना 10 दिन पोर तेरी इस कमसिन जवानी को हर तारीख से भोगूंगा। मेरी मुस्लिम रंडी…मेरी मुस्लिम रखैल..मेरी छिनाल…ये कहते हुए काका ने अपना हिंदू लंड भाभी की मुस्लिम चूत से बाहर निकाला और भाभी की गांड में घुसेड़ दिया…भाभी चीख पड़ी.. आआआआआआआआअह्हह्हह हिंदू हरामी…अपना आदमी मन कर रहा है थू कुत्ते…चोद ले अपनी हुमा को..आआआ आ ह्ह्ह्ह चोद और चोद..काका धक्के पर धक्के लगा रहा था..भाभी की मुस्लिम चूत में डिडलो था और गांड में काका का हिंदू लंड…5 मिनट तक काका गांड मरने के बाद गांड से हिंदू लंड निकला मुस्लिम चूत से डिडलो निकला…वापस मुस्लिम चूत मैं अपना हिंदू लंड घुसा दिया..और गांड मुख्य डिडलो..फिर पूरी ताकत से भाभी को चोदने लगा…ये सब देख कर मेरे लौड़े से फिर से का फव्वारा निकल गया..मैं हांप रहा था…मैं ने देखा काका कह रहा था .ओह्ह्ह्ह मेरी मुस्लिम रंडी हुमा…ऊऊऊऊऊहह आआआ.. मेरी चुद्दक्कड़ मुस्लिम छिनाल बहुत मजा दे रही है तू..आहहह..भाभी बोली..चोद्द अपनी मुस्लिम रंडी हुमा को…मुझे अपनी मुस्लिम रंडी बना…हायय…ओह्ह्ह..आआआ…ऐसी हाय..काका झटके खा रहा था आआआअह्ह्ह्ह मुस्लिम साली…छिनाल…ये ले ये ले आआह्ह्ह्ह मुस्लिम रंडी…ये ले…काका की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी…आआआआह मुस्लिम रंडी साली आआआह्ह्ह्ह उम्मिनन्नन्नन्नन्न्न्न्आआआअह्हह्ह हह्ह्ह्ह…ये ले मुस्लिम साली मेरा वीर्य…तेरी मुस्लिम चूत मैं डालूऊं नाआआआ ​​बोल मेरी मुस्लिम रंडी…भाभी बोली..काका डाल दे अंदर…एक कतरा भी बाहर मत डालना डाल दे पूरा वीर्य…आआआआआहहह..काका झटके खा रहा था…मुझे लगा काका अपना वीर्य भाभी की मुस्लिम चूत में गिराने लगा..आआआआहहहह ये ले मेरी मुस्लिम रखैल..ये ले मेरी मुस्लिम रांड…ये ले मेरी कमसिन मुस्लिम रंडी..आआआअह्हह्हह..आआआअह्ह फिर काका का भारी शरीर भाभी पर गिर गया..रूम में सिर्फ डोनो की सांसो की आवाज़ आ रही थी…मैं आंखे पढ़े डोनो की जानवरों जैसी चुदाई देखा था..मुझे यकीन नहीं हो रहा था..मेरी भाभी इतनी.चुदक्कड़ निकलेगी..मैं अब और रुकना नहीं चाह रहा था..1 घंटा हो गया था..मैं चुप चाप अपने कमरे की तरफ चला गया

By delhi37

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