Desi Chudai

अकेली लड़की Desi Chudai कहानी में मेरा दोस्त दुबई में जॉब करने गया. उसकी डॉक्टर बीवी प्रक्टिस करती थी. वह अकेली रह गयी. उससे मेरी दोस्ती कैसे हुई और हमने पहला सेक्स कैसे किया?

दोस्तो, मेरा नाम सैंडी है.
यह सेक्स कहानी मेरी और मेरे दोस्त की वाइफ के बीच हुई चुदाई की एक सच्ची कहानी है.

यह अकेली लड़की Desi Chudai कहानी दो साल पुरानी है.
मेरे दोस्त की वाइफ प्रिया (बदला हुआ नाम) बहुत ही ज्यादा सेक्सी है.
वह डॉक्टर है.

मेरा दोस्त दुबई में जॉब करता है और उसकी वाइफ ने यहां एक प्राइवेट क्लिनिक खोला हुआ है जिसमें वह डॉक्टर के तौर पर अपना काम करती है.

प्रिया अपने सास ससुर के साथ रहती है.

हुआ यूं कि एक बार मेरे दोस्त का कॉल आया कि उसके घर में कुछ बिजली की समस्या हो गई है. मैं उसके घर जाकर समस्या को देख लूँ.

चूंकि वह मेरा पक्का दोस्त है तो मैंने हामी भर दी और मैं उसके घर पहुंच गया.

दरवाजे पर दस्तक दी तो दोस्त के पपा ने दरवाज़ा खोला और मुझे अन्दर बुलाया.
फिर उन्होंने प्रिया को आवाज़ दी.

प्रिया आई.
क्या बताऊं यार, क्या माल लग रही थी.
मैंने उसे पहली बार इस तरह से घर के कपड़ों में देखा था.

वह एक लोअर और टी-शर्ट पहनी हुई थी और शायद उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी जिससे उसके दोनों दूध काफी थिरक रहे थे.

प्रिया भाभी बड़ी ही गदरायी हुई माल थी.
उसे देख कर मेरा दिल उस पर आ गया और उसे उसी वक्त पटक कर चोदने का जी करने लगा.

भाभी आ गई तो यह देख कर उसके ससुर कमरे में चले गए और वह मुझसे हैलो बोल कर बात करने लगी.
उसने मुझे बताया कि काफी देर से बिजली नहीं आ रही है.

मैंने उससे कहा कि मेन स्विचबोर्ड किधर लगा है.
तो वह मुझे स्विच बोर्ड के पास ले गई.

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वहां वह बताने लगी.
पर मैं प्राब्लम को छोड़कर उसे ही ताड़ने लगा.

उसने मुझे देख लिया था कि मैं उसके दूध देख रहा हूँ लेकिन उसने कुछ भी नहीं कहा.

फिर मैंने खुद को बिजली के कट आउट वगैरह चैक किए.
जब मेरी समझ में नहीं आया तो मैंने एक बिजली सुधारने वाले को बुलाया और अपने दोस्त के घर की बिजली की समस्या को खत्म कर दी.

उसके बाद मैं वहां से चला गया.

उस रात मैंने प्रिया के नाम की दो बार मुठ मारी और किसी भी तरह से उसको पटा कर चोदने की सोचने लगा.

मुझे दोस्त के ज़रिए उसके क्लिनिक का पता मालूम था.

मैं दो दिन बाद अनजान मरीज बन कर वहां चला गया और उधर उसको देख कर एकदम से भौचक्का होने की एक्टिंग करने लगा.

फिर उसने मुझे चाय ऑफर की और बातों बातों में मैंने उससे उसका नंबर मांग लिया- अगली बार तुम्हें कुछ प्राब्लम हो, तो सीधे मुझे कॉल कर देना … दोस्त को क्यों परेशान करना.
उसने मुझे अपना नंबर दे दिया.

मैंने रात में वॉट’सअप पर उसे मैसेज किया मगर उसने थोड़ा देर से उत्तर दिया.
उस वक्त वह अपने हज़्बेंड से बात कर रही थी.

मैंने उससे बात की तो पहले तो वह नाटक करने लगी कि आप ऐसे मैसेज ना किया करो.
क्योंकि उसे गैर लोगों से बात करना अच्छा नहीं लगता.

उसकी बात सुनकर मैं कुछ समझ ही न पाया कि यह ऐसा क्यों कह रही है. जबकि मैंने तो अभी इससे ऐसा कुछ कहा ही नहीं है.

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फिर मैंने सोचा कि जब प्रिया के मन में कुछ ऐसा आ ही गया है तो इसी लाइन पर टिका रहता हूँ, बाद में किसी अटपटी स्थिति में बचने के लिए रास्ता बना रहेगा.

तब मैंने उससे कहा- तुमने मुझे गैर कहा तो अब मैं मैसेज नहीं करूँगा. सॉरी!
उसने सॉरी कहा और कहने लगी- मेरे हज़्बेंड को मालूम हुआ कि मैं आपसे वॉट’सअप पर बात कर रही हूँ, तो वे बुरा मानेंगे.

तब मैंने उससे कहा- हम दोनों सिर्फ़ दोस्त की तरह बात करेंगे. मैं अपने दोस्त को कुछ नहीं बताऊंगा.
वह एकदम से मान गयी.
मुझे समझ आ गया कि यह लंड के लिए मर रही है … जरा सी ढील दूंगा तो सीधे लौड़े से मुँह लगा देगी.

अब हमारी सामान्य बातें होने लगीं.
बातों ही बातों मैंने उसे एक बार फिर से चैक करने की सोची और उससे संडे का प्लान पूछा.

वह मुस्कान बिखेरती हुई कहने लगी- कुछ खास नहीं है, मैं उस दिन घर पर ही रहूँगी और बस किसी तरह से अपना समय निकालूँगी.

मैंने उससे मूवी चलने के लिए पूछा तो पहले तो उसने मना कर दिया.
मेरे बहुत मनाने पर वह रेडी हो गई.

मैंने उसकी तरफ से हामी मिलते ही कपल कॉर्नर की दो सीट बुक कर लीं और हम मूवी देखने चले गए.

उधर सिनेमा हॉल में एकदम अंधकार था.
मूवी भी सेक्सी थी तो उसने एक बार मेरा हाथ अपने हज़्बेंड का समझ कर पकड़ लिया.
पर बाद मैं जैसे ही उसे होश आया, उसने सॉरी कह कर छोड़ दिया.

वह- सॉरी, मैंने अपने हज़्बेंड को समझ कर आपका हाथ पकड़ लिया था.
मैंने उससे कहा- कोई बात नहीं, तुम मुझे अपना हज़्बेंड समझ सकती हो!
वह हंसने लगी.

मूवी खत्म होने के बाद हम दोनों घर आ गए.

अपने घर आकर मैंने उसे मैसेज किया- आज तुम्हारे साथ बहुत मज़ा आया.
उसने भी कहा- हां मुझे भी अच्छा लगा. मैंने आज अपने हज़्बेंड को बहुत मिस किया.

मैंने उससे कहा- तुम बुरा ना मानो तो मुझे ही अपना हज़्बेंड समझ लो.
इसका उसने कोई उत्तर नहीं दिया.

थोड़ी देर बाद उसका मैसेज आया- आपका क्या मतलब था?
मैंने इस बार उसे सीधा प्रपोज कर दिया- आई लव यू.

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उसने मुझे कोई उत्तर नहीं दिया.

अगले दिन उसका कॉल आया कि मुझे मार्केट में मिलो.

मैं गया और मिलने पर उसने मुझसे कहा- यह सब ग़लत है. उसके हज़्बेंड को मालूम हुआ तो वह कैसे रिएक्ट करेगा!
मैंने उसे बहुत समझाया कि हम उसे मालूम नहीं होने देंगे.

मेरे बहुत देर तक मनाने पर उसने मुझसे कहा- हां, मैं भी आपको पसंद करती हूँ. लेकिन मैं बोलने के लिए डर रही थी.

उसके ऐसा कहते ही मेरी चेहरे पर हजार वाट का बल्ब जलने लगा.
वह अकेली लड़की Desi Chudai भाव चेहरे पर लाकर मुस्कुराने लगी.

बस फिर क्या था … हम दोनों ने अकेले में मिलने का प्लान बना लिया.
संडे के दिन होटल में एक कमरा बुक किया.

होटल में जाते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और किस करना चालू कर दिया.
वह भी पागलों की तरह मुझे चूमने लगी.

मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया और चुंबन करते हुए पलंग पर ले आया.
उधर उसे पलंग पर लुड़का कर मैं भी उसके ऊपर चढ़ गया.

मैंने उसे 5 मिनट तक किस किया.
वह भी बेताबी से मेरे साथ अपनी चुदास को जाहिर करती रही.

आज उसकी बेताबी से साफ जाहिर हो रहा था कि उसे अपनी चूत की आग बुझवानी ही थी.

कुछ देर बाद मैंने उसके सारे कपड़े एक एक करके उतारने शुरू किए.
वह ब्रा पैंटी में मेरे सामने रह गई थी. लाल कलर की रेशमी ब्रा पैंटी में वह गजब की मादक हसीना लग रही थी. उसकी छोटी सी ब्रा में उसके बड़े बड़े दूध समा ही नहीं रहे थे.

मैं उसे निहारने लगा.
वह शर्मा कर मुझसे नजरें चुराने लगी.

फिर मैंने आगे बढ़ कर उसकी ब्रा भी उतार दी.
आह क्या बूब्स थे उसके …

मैंने उसके एक दूध को जोर से मसला तो वह सहम गयी और आराम से करने को कहने लगी.

मगर मैं अब कहां रुकने वाला था.
मैं उसके एक दूध के निप्पल को अपने होंठों में भर कर खींचते हुए चूसने लगा और दांतों से हौले हौले से काटने लगा.

वह चुदासी तो थी ही … मेरे इस तरह से दूध चूसने से एकदम से गर्म हो गई और मेरी जीन्स के अन्दर हाथ डालने लगी.
मैंने उसकी व्याकुलता देखी तो अपने सारे कपड़े उतार दिए.
मैं एकदम नंगा हो गया था.

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वह मेरे टनटनाते लंड को देखती ही भौचक्की रह गयी.
उसने अपने दोनों हाथ अपने गालों पर रख लिए.

मैं समझ गया कि यह मेरे 7 इंच के लंड को देख कर सहम गई है.
मैंने लौड़े को हाथ से पकड़ कर सहलाया और उससे पूछा- पसंद आया?

उसने कहा- यह तो बहुत बड़ा है, मेरी चूत को फाड़ ही देगा!
मैंने उससे लंड चूसने को कहा.

वह मना करने लगी- मैंने कभी लंड नहीं चूसा.
थोड़ा नाटक करने के बाद वह लंड चूसने के लिए मान गयी और लंड चूसने लगी.

कुछ देर बाद मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत चाटने लगा.
वह मदहोश हो गई और मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी.

उसने अपनी चुदास के चलते दो बार पानी छोड़ दिया था.
अब वह मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर चूत में पेलने का इशारा करने लगी.

मैंने उसकी चूत में लंड का सुपारा सैट किया और एक झटका मारा तो लंड का सिर्फ़ थोड़ा सा हिस्सा ही अन्दर गया.

वह चिल्लाने लगी कि बाहर निकालो मर गई … मेरी फट गई.
मगर मैं नहीं माना और मैंने लगातार 2-3 ज़ोरदार झटके दे मारे.

मेरा लंड तेज झटकों के कारण चूत की जड़ तक अन्दर घुसता चला गया था.

उसे भयंकर वाला दर्द हो रहा था.
उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे थे.

उसकी दशा देख कर मैं रुक गया.
कुछ देर बाद उसका दर्द कम होने पर मैंने धक्के देना शुरू कर दिए.

अब उसे चुदने में बहुत मज़ा आने लगा.
वह भी अपनी गांड उठाती हुई मेरा साथ देने लगी.

प्रिया कामुकता से चिल्ला भी रही थी- आह मजा आ गया राजा … आह चोदो मुझे … आह आज तक मुझे चुदाई में इतना मज़ा नहीं आया. आज से तो आप ही मेरे हज़्बेंड हो … मैं जब बुलाऊंगी, आपको मुझे चोदने आना पड़ेगा. मैं अब सिर्फ आपसे ही चुदवाऊंगी … आह और चोदो … आहह.

कुछ 15 मिनट की तेज़ चुदाई के बाद मैं उसके अन्दर ही झड़ गया.
तब तक वह दो बार और झड़ गयी थी.

हम दोनों वहीं एक दूसरे की बांहों में सो गए.
कुछ देर बाद उठ कर दुबारा से चुंबन करने लगे.

वह कहने लगी- अब घर चलो, देर हो रही है.
मैंने उसे पकड़ लिया और उसकी गांड मारने की बात कहने लगा.

लेकिन उसने मना कर दिया कि अभी नहीं … वह अगली बार करेंगे.
मैंने कहा- चलो गांड मारने की बात बाद में सही पर अभी एक बार और लेने का मन कर रहा है.

अब गुल खिले या गुलशन, या खिले गुलज़ार, भाभी को ही चोदेंगे, चाहे 500 लगे या हज़ार। – Antarvasna Story

वह हंस दी.
उसे भी दुबारा से चुदने का मन कर रहा था.

हम दोनों ने बाथरूम में नहाते हुए चुदाई करने का तय किया.

उधर हम दोनों बाथरूम में शॉवर के नीचे खड़े हो गए और मैंने प्रिया को कुतिया बना कर चोदा.
वह भी बड़ी मस्ती से अपनी गांड हिलाती हुई लंड ले रही थी.

कुछ ही देर में हम दोनों फारिग हो गए और कपड़े पहन कर होटल से निकल आए.
अब मैंने उससे पूछा- चुदास शांत हुई न!

वह हंस पड़ी और मेरे सीने पर मुक्का मारने लगी.
मैंने कहा- मैं उसी दिन समझ गया था जब मैंने तुम्हें बिना ब्रा के टी-शर्ट में अपने दूध हिलाते हुए देखा था.

वह हंस रही थी. फिर वह बोली- मैं क्या करती … मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था. अनजान आदमी से चुदाई करवाने में डर लग रहा था कि कहीं वह मुझे ब्लैकमेल न करने लगे.
अब मैं उस अकेली लड़की की Desi Chudai जरूरत और वह मेरी जरूरत को पूरा करने लगी थी.

तो दोस्तो, दोस्त की बीवी प्रिया की चुदाई की कहानी के बाद अगली बार मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने उसी के घर में सारी रात उसकी चूत और गांड मारी.

आप सबको ये अकेली लड़की Desi Chudai कहानी कैसी लगी,

By delhi37

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